एनडीडीबी डेरी उत्‍कृष्‍टता पुरस्‍कार (प्रबंधन उत्‍कृष्‍टता एवं स्‍त्री-पुरूष समावेश)

एनडीडीबीडेरी उत्कृष्टता पुरस्कार-2016
(प्रबंधन उत्कृष्टता एवं स्त्री-पुरुष समावेश)

प्रस्तावना:-

भारत दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर है तथा निरंतर विश्व का सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश है|  2015-16 में विश्व के कुल दूध उत्पादन में भारत का 18% योगदान रहा है|  भारत में डेरी उद्योग लाखों छोटे तथा सीमांत किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। अतः पूरे वर्षभर उन्हें एक लाभप्रद बाजार मुहैया करवाना एक बड़ी चुनौती है|  भारत में दूध सहकारी संघ ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए किसानों को दीर्घकालिक आजीविका के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं|  दूध सहकारी संघ दूध उत्पादकों को दूध की बिक्री से प्राप्ति का अधिकतम हिस्सा (लगभग 75%) हस्तांतरित कर देते हैं तथा साथ ही  उपभोक्ताओं को किफायती दर पर सुरक्षित दूध उपलब्ध कराते हैं । भारत में 200 से अधिक जिला सहकारी संघ हैं, जिनमें लगभग 1.7 लाख गाँव शामिल हैं तथा इनकी पहुँच 1.58 करोड़ दूध उत्पादकों तक है, जिनमें 48 लाख महिला सदस्य शामिल हैं| दूध सहकारी संस्थागत नेटवर्क गाँवों एवं दूध उत्पादकों के लगभग पांचवे हिस्से को कवर करता है| दूध सहकारी संस्थाएं, दूध उत्पादन के लगभग 10% एवं विक्रय अधिशेष के लगभग 16% का संकलन करती हैं|  अत: दूध सहकारी संघों के लिए उनके कवरेज को बढ़ाने की पर्याप्त संभावना है। पिछले दशक के दौरान, दूध सहकारी संघों के दूध संकलन एवं विपणन में प्रति वर्ष 7% की वृद्धि हुई है|

 

उत्पादक कंपनियों, उत्पादक सदस्यों के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाले अन्य प्रकार के सामूहिक व्यापार उद्यम का भी विकास हो रहा है । उत्पादक कंपनी, सहकारिताओं के समान संस्थागत एवं वैचारिक क्षमता का लाभ लेती हैं तथा साथ ही साथ कंपनी नियम के लचीलेपन एवं स्वायत्तता के साथ काम करती है|

उदारीकरण के बाद, निजी क्षेत्र ने डेरी उद्योग में अपने संचालनों में तेजी से विस्तार किया है तथा दूध सहकारी संघों के समान संगठित दूध संकलन प्रणाली बनाई है| अब यह अनुमान लगाया जा रहा है कि डेरी उद्योग के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की कंपनियों के पास भी दूध सहकारी संघों के  बराबर हिस्सेदारी है तथा उनका अधिक ध्यान मूल्य वर्धित उत्पादों के उत्पादन पर है। जबकि निजी क्षेत्र अपनी हिस्सेदारी को बढ़ा रहा है, दूध सहकारी संघों के हित में यह जरुरी है कि वे संगठित क्षेत्र द्वारा हैंडल किए जा रहे (वर्तमान 50%) अपने हिस्से में वृद्धि करें|

उत्पादकों के स्वामित्व एवं नियंत्रण में संचालित संगठन, जो प्रबंधन उत्कृष्टता, किसानों के लिए मूल्य तथा स्त्री-पुरुष समावेश के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं,  उनके प्रयासों को मान्यता देने के लिए, एनडीडीबी ने “एनडीडीबी - डेरी उत्कृष्टता पुरस्कार” की शुरुआत की है । यह पुरस्कार उत्पादक आधारित संगठन को डेरी उद्योग में किए गए सर्वोत्तम प्रयासों को सीखने और अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। वित्तीय, तकनीकी और संस्थागत सहायता के साथ, यह आवश्यक है कि दूध उत्पादकों के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाले संगठनों को अधिक उत्साह के साथ सहकारिताओं के मूलभूत सिद्धांतों एवं मूल्यों का पालन करते हुए स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में निरंतर योगदान देने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जाए । 

निम्नलिखित तीन श्रेणियों के अंतर्गत एनडीडीबी - डेरी उत्कृष्टता पुरस्कार- 2016 दो सहकारी संघों/उत्पादक कंपनियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे:

वर्तमान संस्करण में, क्षेत्रीय स्तर पर (अर्थात् उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम) एक और पुरस्कार की शुरूआत की गई है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए तीन श्रेणियों में से एक संगठन को सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले संगठन क्षेत्रीय स्तर पर दिए जाने वाले पुरस्कार के लिए योग्य नहीं होंगे।

विशेष पुरस्कार:

देश के विभिन्न क्षेत्रों में अंतर-क्षेत्रीय असंतुलन है, जो पूरे देश में दूध सहकारी संघों की प्रगति में स्पष्टतौर पर भी दिखाई देता है। अतः देश के पूर्वोत्तर हिस्से में दूध सहकारी संघों के प्रयासों की सराहना के लिए इस श्रेणी के अंतर्गत योग्य एक दूध सहकारी संघ को विशेष पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

डेरी उद्योग में महिलाओं का योगदान सराहनीय है | देश के अधिकांश हिस्सों में महिलाएं ही हैं जो पशुओं की देखभाल करती हैं, उन्हें चारा खिलाती हैं और दूध दुहती हैं, फिर भी सहकारी समितियों के प्रबंधन में उनकी भागीदारी कम रही है|

डेरी उद्योग में महिलाओं की भूमिका को प्रोत्साहित करने एवं मान्यता देने तथा दूध सहाकरी संघों में सदस्यों और लीडर के रूप में उनकी भागीदारी को बढ़ाने के साथ-साथ उनका आर्थिक समावेश सुनिश्चित करने के लिए, संगठनों में दो विशेष श्रेणी के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे – अधिकतम संख्या में संगठित महिला दूध सहकारी समिति तथा अधिकतम संख्या में कार्यरत महिला सदस्य | उपर्युक्त प्रत्येक दो श्रेणियों में एक संगठन को उनके द्वारा किए गए स्त्री-पुरुष समावेश संबंधी प्रयासों के लिए विशेष पुरस्कार मिलेगा |

यह पुरस्कार एक बेंचमार्क स्थापित करेगा और संगठनों को सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाने में सहायता प्रदान करेगा तथा साथ ही उन्हें अपने व्यापारिक कार्यों को बढ़ाने, पारदर्शिता और दक्षता में सुधार लाने और सामाजिक, आर्थिक और स्त्री-पुरुष समावेश सुनिश्चित करने के लिए नए तरीकों के साथ आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

योग्यता मापदंड:

इस पुरस्कार में भाग लेने वाले संगठनों को निम्नलिखित मापदंडो को पूरा करना होगा:-

क.  जिला/तहसील स्तर पर दूध उत्पादकों के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाले संगठन |

ख.  पिछले 5 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं |

ग.   पिछले 3 वर्षों से लगातार लाभ में हैं |

पुरस्कारों की श्रेणी:

राष्ट्रीय स्तर पर विजेता:

क्षेत्रीय स्तर पर विजेता:

 

  (राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले संगठन क्षेत्रीय स्तर पर दिए जाने वाले पुरस्कार के लिए योग्य नहीं होंगे।)

विशेष पुरस्कारः

पुरस्कार कार्यप्रणाली:

प्रतिभागिता के लिए, कृपया नीचे दी गई प्रश्नावली को भरें और हमें ईमेल nddbaward@nddb.coop के माध्यम से सॉफ्ट प्रति 4 अगस्त 2017 तक भिजवाएं|

“किसी भी स्पष्टीकरण के लिए कृपया आप श्री राजेश गुप्ता, वरिष्ठ प्रबंधक (सहकारी सेवाएं) ई-मेल rajgupta@nddb.coop अथवा श्री प्रमोद मेनन, वरिष्ठ प्रबंधक (वित्तीय एवं योजना सेवाएं - योजना) ई-मेल pnmenon@nddb.coop से संपर्क करें।“