केरयोटाइपिंग

केरयोटाइपिंग

घरेलू पशुओं में गुणसूत्रीय असमान्‍यताएं प्रजनन हानि का सबसे प्रमुख कारकों में से एक है जिससे जर्मप्‍लास्‍मा की हानि तथा पशु की प्रजनन संबंधी गुणवत्‍ता में कमी की संभावना बढ़ती  है । इसके परिणामस्‍वरूप काफी आर्थिक नुकसान भी होता है ।

प्रजनन वाले नर पशुओं में गुणसूत्र विश्‍लेषण से गुणसूत्रीय असामान्‍यताओं के प्रसार पर रोक लगती है ताकि गुणसूत्रीय असमानताओं वाले नर पशुओं को समय से पहले प्रजनन प्रक्रिया से बाहर निकाला जा सके । गुणसूत्रीय विश्‍लेषण से यह सुनिश्चित किया जाता है कि कृत्रिम गर्भाधान केन्‍द्रों में मौजूद सभी प्रजनन नर पशु गुणसूत्रीय दोषों से मुक्‍त हो । संख्‍यात्‍मक और संरचनात्‍मक मुख्‍य रूप से दो प्रकार की गुणसूत्रीय असमान्‍यताएं, डेरी पशुओं में पाई जाती है ।

इस प्रक्रिया में फ्रैश रक्‍त का लिम्‍फोसाइट कल्‍चर – गुणसूत्रों का संचयन (हार्वेस्टिंग) तथा स्‍लाइड  करना – सूक्ष्‍मदर्शी द्वारा विश्‍लेषण तथा व्‍याख्‍या करना शामिल है ।

 

नर पशु कैरयोटाइप (60, XY) नर भैंस कैरयोटाइप (50, XY)